दोस्तों की कहानी

 दोस्तों की कहानी 

बचपन के दोस्तों की कहानी Story for kids stories

मेरी दोस्ती मेरी जान की तरह है हम तीन दोस्त थे ।

जो एक दूसरे के बिना नहीं रह पाते थेकि। स्कूल में टीचर के साथ मस्ती और स्कूल 

बंक किया करते थे ।मेरे दोस्तो का नाम दिलखुश और प्रेम जीत  है

किसी एक को कुछ हो जाए । तो दूसरा उसकी फिकर करने लगता था ।

एक दोस्त दिलखुश ऐसा था जिसके घर हम स्कूल बंक करके चाय पीने जाया करते थे ।

प्रेम जीत भी और दिलखुश का घर पास में था । और मेरा उनसे काफी दूर था । में ने सोचा

कि में भी उनके साथ मकान लेलू । फिर मुझे लगा कि मेरे पापा याहा पर रहना चाहते है तो यही रहूंगा पापा के साथ ।

हम  तीनो हमेशा खुश थे।फिर एक दिन हमारी दोस्ती एक लड़की से हुई । जिसे मेरा दोस्त प्यार कर बैठा ।

वो लड़की हमारी दोस्ती को तोड़ना चाहती थी मेरे दोस्त से हमारी शिकायते करती थी ।

पर मेरा दोस्त नहीं मानता था फिर अचानक एक दिन मेरे दोस्त प्रेम जीत को उस लड़की ने

बुलाया बोलने लगी कि प्यार करती है मेरे दोस्त से प्रेम जीत ने मुझसे सारी बात कह

डाली दूसरे दिन मेरा दोस्त दिलखुश मिला उस लड़की ने मेरे दोस्त प्रेम जीत के बारे के उल्टा

बोलने लगी और दिलखुश से शिकायत करने लगी मेने कई बार समझाया दिलखुश को ऐसा

कुछ नहीं है पर मेरा दोस्त उस लड़की के बहकावे में आचुका था मुझे उसे काफी दुख

हुआ मेने कभी ये नहीं सोचा था हमारी दोस्ती भी एक दिन खतरे में पड़ जाएगी । फिर में

और मेरा दोस्त प्रेमजीत सबूत ढून ड ने लगे कुछ दिनों बाद पता चला कि उसका चकर

कई और सारे लड़के से था । एक दिन हम दोनों दिलखुश के पास गए उसको समझने

की भी कोशिश की पर वो पूरी तरह उसके बहकावे ने आ गया था । कुछ दिन बाद फिर

वो लड़की मुझे किसी और लडके के साथ देखा । तभी मेने प्रिमजीत को बुलाया और

मोाइल में वीडियो रिकॉर्डिंग कर लिया था । हम दोनों फिर दिलखुश के पास गए । और

इस वीडियो को दिखाया तब जाके मेरे दोस्त ने हम दोनों पर विश्वास किया ।और खुद को

किसने लगा था । वो इस बात से बोहोत दुखी था ।

की मुझे मेरे दोस्त चाहिए तू नहीं शादी मुबारख ।

तब से हम तीनों की ज़िंदगी में सारे दर्द ख़तम हो गए और हम दोस्त फिर से स्कूल बंक और

खूब मस्ती करने लगे अब लोगों ने भी यही बोल रहे थे । ये तीनों एक दूसरे के बिना नहीं

रह सकते बिल्कुल ब्रम्हा , विष्णु, महेश की तरह है मुझे मेरी दोस्ती लाइफ टाइम के लिए चाहिए ।

ज़िंदगी के बाद भी ज़िंदगी के साथ भी दोस्ती ही एक दूसरे के काम आती है

चाहे वो कितना भी खडूस क्यों ना हो सब के पास एक अच्छा दोस्त जरूर है

 

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