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मा का प्यार और आशीर्वाद

मा का आशीर्वाद

मा दो शब्दो का है पर जब एक बच्चा बुलाए तो कितने भी काम हो चली आती है मा हमारी

लाइफ लाइन है जिन्होंने हमें जन्म दिया है पापा हमारे घोड़ा है जो बचपन में हमे घोड़ा

माँ का प्यार माँ का प्यार कविता माँ का प्यार क्या होता है

बन के मनाया करते है एक लड़का सुरेश उसकी मा का नाम निशा और पापा का नाम

महेश था । बहुत खुश हुई मेरे पापा जब ने पैदा हुआ और मेरी मा मुझे एक मा मिल गई

और मा को में मिल गया । जब सुरेश छोटा था तब उसके मा और पापा उसके साथ हमेशा

खुश रहते थे सुरेश जब 10 साल का हुआ तब उसने के किताब लिखी जो मा के ऊपर थी ।

जिसमे उसने मा की हर मते लिखी थी । उसने बोला मेरी किताब ये मा के आशीर्वाद की

वाजेसे है शायद मा नहीं हो तो दुनिया ना चले । भगवान ने भी क्या के अनमोल रतन बनाया

है जिसका नाम मा रख दिया । और हर काम को आसान बना दिया मा ने एक दिन सुरेश ने

मा से पूछा मा तुम्हे क्या चाहिए । एक दिन मा  ने सुरेश से पूछा बेटा क्या बनोगे तुम बड़े

हो कर । बेटे ने हस के कहा मा बस तेरी हर खुशी पूरी कर दु यही छोटे से सपने देखा है ।

माँ का प्यार माँ का प्यार कविता माँ का प्यार क्या होता है

सुरेश ने ये भी बोला मा सब तो बुढापे का सहारा बने को कहते है और में जवानी का

सहारा बन जाऊं यही सपना है मेरा । सुरेश स्कूल में रोज जाने से पहने अपने मा और

पापा का आशीर्वाद लेता था । सुरेश के घर के काफी गरीब थे । ये बात सुरेश भी जनता था ।

  वो अपने जरूरत से ज्यादा कुछ नहीं खरीद था । कुछ बात थी सुरेश के में उसने अपने मा

से कहा मा सुरेश को कभी किसी की कमी नहीं होने देती थी । एक दिन सुरेश कि मा की

तबियत खराब हो गई । और सुरेश स्कूल गया हुआ था। सुरेश जब अपने स्कूल से आया तब

उसने देखा उसकी मा बहुत ही बीमार  थी । वो अपनी मा को सरकारी अस्पताल में ले

जाता है । सरकारी अस्पताल में कोई भी डॉक्टर भी आ रहा था । उसकी मा को देखने

जब उसकी मा की तबियत और खराब हुई । तो वो जल्दी से अपने मा को किसकी बड़े

अस्पताल ले जाया है । और सुरेश के पास इतने पैसे नहीं थे । की वो अपने मा का इलाज

करवा सके तभी उसको अपने मा की बात याद आने लगी और उसने जो किताब लिखी

थी अपने मा के उपर वो बहुत ही अच्छी लगी लोगो को जिससे कि आज वो कवि बन गया

था । उसने उसकी कमाई पैसों से अपनी मा का इलाज करवा लेता है तभी सुरेश अपनी

मा से बोला देखो मा आज आपका आशीर्वाद से में एक बड़ा काफी बन गया । उस किताब

ये बात थीं जो लोगो को बहुत पसंद आई जिसमे लिखा था । मेरी मा बीमार थी और

फिर भी उसका प्यार मेरे लिए काम नहीं था बीमार रह के भी मेरी सारी जरूरत पूरी की मा

इस लाइन को पद के वो किताब बहुत ही ज्यादा लोगो को पसंद आई । जिसे आज वो

एक बहुत बड़ा आदमी बन गया । और आज कोई ऐसी जगह नहीं कोई ऐसी चीज नहीं जो

अपनी मा के लिए बन वाई ना हो मा की सेवा करोगे । तो बड़े से बड़ा आदमी  नहीं रोक

सकता आपकी मंज़िल पाने के लिए इसलिए मा का आशीर्वाद जरूरी है ।

माँ का प्यार माँ का प्यार कविता माँ का प्यार क्या होता है

मा एक भगवान है जो किस्मत वालो के पास होती है 

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